
बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख आजकल नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘लॉक अप: सच या सजा’ को होस्ट कर रहे हैं। शो पर हाल ही में रितेश ने फिल्म इंडस्ट्री में आने पर मिले लेबल्स और लोगों की सोच से उबरने के बारे में खुलकर बात की। शो के लेटेस्ट एपिसोड में कंटेस्टेंट्स के साथ हुई बातचीत के दौरान एक्टर ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे होने के टैग और खुद को साबित करने में बिताए कई साल के बारे में बात की।
सच्चाई जाने बिना दुनिया ने धारणा बना ली
एक टास्क से पहले कंटेस्टेंट योगेश रावत ने बताया कि कंगना रनौत के उन्हें चीटर कहने से उन्हें कितना दुख हुआ, जबकि उन्हें उनकी पूरी कहानी पता भी नहीं थी। योगेश ने कहा, ‘उन्हें यह भी नहीं पता कि मुझ पर सिर्फ आरोप लगा है या यह सच भी है। मैं इस बात को उठाना भी नहीं चाहता क्योंकि यह मेरे लिए बहुत दर्दनाक अनुभव था।

मुझ पर भी लगे टैग, तोड़ने में लगे 23 साल और 60 फिल्में
योगेश की बात का जवाब देते हुए रितेश ने बताया कि मेहमान सिर्फ दर्शकों की सोच को दिखाते हैं और उसी सोच को घर के अंदर लाते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘सोच या धारणा वैसी ही बनती है जैसा आप बाहर दिखाते हैं। हम सभी इस दौर से गुजरे हैं। जब मैंने अपनी पहली फिल्म की थी, तब मेरे पिता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे।
जब मैंने शुरुआत की, तो सब कहते थे, ‘इनके पिता मुख्यमंत्री हैं, इसलिए इन्हें काम मिलता है और इसलिए इनकी फिल्में अच्छा करती हैं।’ मैं भी इस दौर से गुजरा हूं। तेईस साल और 60 फिल्मों के बाद आज मैं उन सभी टैग्स को तोड़कर आपके सामने खड़ा हूं। कुछ ठप्पों को तोड़ने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन अगर आप ठान लें, तो वे टूट ही जाते हैं।’
रितेश देशमुख के पिता विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री थे। रितेश ने 2003 में ‘तुझे मेरी कसम’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। हाल ही में रितेश ‘राजा शिवाजी’ में नजर आए थे। इसे डायरेक्ट और प्रोड्यूस भी उन्होंने ही किया है।


