एनआईए ने इस मामले में शहजाद भट्टी के अलावा करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश उर्फ सोबी उर्फ सौरभ, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा, अमरजीत सिंह उर्फ अंबी सहित कुल आठ आरोपियों को नामजद किया है।

अंबाला के बलदेव नगर थाना परिसर में हुए कार धमाका मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा खुलासा करते हुए विशेष एनआईए अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया है। जांच में सामने आया है कि पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई थी।
एनआईए के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में अपना आतंकी मॉड्यूल तैयार किया। उसने स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित कर हमले के लिए तैयार किया और विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन किया। एजेंसी के मुताबिक, भट्टी इस साजिश का मास्टरमाइंड था।
जांच में आकाश उर्फ सोबी उर्फ सौरभ को भारत में भट्टी का मुख्य सहयोगी बताया गया है। चार्जशीट के अनुसार, उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई, विस्फोटक सामग्री का इंतजाम किया और वारदात से पहले थाना परिसर की रेकी की। इसके बाद गैस सिलेंडर और अन्य विस्फोटक सामग्री से भरी कार को थाना परिसर में खड़ा किया गया। दहशत फैलाने के उद्देश्य से आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया था
एनआईए ने इस मामले में शहजाद भट्टी के अलावा करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश उर्फ सोबी उर्फ सौरभ, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा, अमरजीत सिंह उर्फ अंबी सहित कुल आठ आरोपियों को नामजद किया है।
डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों से खुला नेटवर्क
जांच एजेंसी का कहना है कि डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि हमले के दौरान शहजाद भट्टी लगातार भारत में मौजूद अपने सहयोगियों के संपर्क में था। एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार मामले में आतंकी फंडिंग और अन्य संदिग्ध संपर्कों की जांच अभी जारी है।
जांच एजेंसी का कहना है कि डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि हमले के दौरान शहजाद भट्टी लगातार भारत में मौजूद अपने सहयोगियों के संपर्क में था। एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार मामले में आतंकी फंडिंग और अन्य संदिग्ध संपर्कों की जांच अभी जारी है।
