भाजपा की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को पद से हटाने की मांग की है। अकोइजम पर जेएनयू की 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। जेएनयू उन्हें नौ अक्तूबर को बर्खास्त कर चुका है और दिल्ली पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

भाजपा की महिला सांसदों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला सांसदों ने राष्ट्रपति से ज्ञापन में सांसद को पद से हटाने और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज और मालविका देवी शामिल थीं। इनके साथ राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक, गीता शाक्य, भाजपा की वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा भी मौजूद थीं।
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी पदाधिकारी संजीव सिंह पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और अश्लील भाषा के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।

