
हरियाणा में इसके लिए पंचकूला और फरीदाबाद जिलों का चयन किया गया है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी। साल 1931 के बाद पहली बार लोगों से उनकी जाति और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। डिजिटल साक्षरता के तहत यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति को कंप्यूटर चलाना आता है या नहीं, ई-मेल लिखना आता है या नहीं और वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकता है या नहीं।
इस बार 40 सवाल पूछे जाएंगे
दूसरे चरण में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार, शिक्षा, भाषा, धर्म, जाति और बच्चों से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी। लोगों से पूछा जाएगा कि उनकी मातृभाषा क्या है, वे कितनी भाषाएं बोल, पढ़ और लिख सकते हैं। इसके अलावा परिवार में बच्चों की संख्या, पहले किसी बच्चे की मृत्यु हुई है या नहीं, सामान्य वर्ग या अन्य जाति व धर्म से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी जनगणना के दूसरे चरण का प्री-टेस्ट किया जाएगा।
मकान विहीन लोगों की भी होगी गिनती
इस बार जनगणना में ऐसे लोगों को भी शामिल किया जाएगा जिनके पास रहने के लिए स्थायी मकान नहीं है। पाइपों में रहने वाले, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रात बिताने वाले लोगों की भी गिनती की जाएगी। जनगणना के अंतिम दिन विशेष टीमें रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और एयरपोर्ट पर तैनात रहेंगी, ताकि वहां मौजूद लोगों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।


