मृतक दुकानदार अंकित का व्यवहार बेहद मिलनसार था। वह हर दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे दुकान खोल देता था। उसकी मां व पत्नी भी दुकान देखती थीं। आसपास के लोग भी उनके व्यवहार से खासे खुश रहते थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही पता चला कि अंकित, उसकी मां आशा व पत्नी रिया की रहस्यमय मौत हो गई है।

लीलापुर थाना क्षेत्र के सगरासुंदरपुर में मां और उसके बेटे-बहू की मौत का राज अभी बना हुआ है। आशंका है कि जहरीला पदार्थ खाने से जान गई। लेकिन किस खाद्य सामग्री से जहर शरीर के अंदर पहुंचा। यह स्पष्ट नहीं हो पाया। दूसरा यह कि मृतक को जहर दिया गया या फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। फिलहाल पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है।
दुकानदार अंकित का व्यवहार बेहद मिलनसार था। वह हर दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे दुकान खोल देता था। उसकी मां व पत्नी भी दुकान देखती थीं। आसपास के लोग भी उनके व्यवहार से खासे खुश रहते थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही पता चला कि अंकित, उसकी मां आशा व पत्नी रिया की रहस्यमय मौत हो गई है। हर कोई घटनास्थल की ओर भागा। देखते ही देखते आठ बजे तक सैकड़ों लोगों का हुजूम एकत्र हो गया था।
एसपी डॉ. अनिल कुमार को बेड के करीब मिठाई का डिब्बा, मुसम्मी का जूस, आम, सब्जी, रोटी, चावल, कोल्ड ड्रिंक व खाने के बर्तन मिले, जिसमें रखी मिठाई रात में ही खाई गई थी। पड़ोसियों का कहना है कि हो सकता है किसी ने खाने या मिठाई में ही जहरीला पदार्थ मिला दिया हो। अंकित की मां आशा रोज खाना खाने के बाद अपनी मां के पास सोने नीचे चली आती थीं। बृहस्पतिवार नीचे नहीं आई। हालांकि, जांच के दौरान जहरीले पदार्थ का कोई पैकेट नहीं मिला। इससे यह भी संभावना जताई जाने लगी कि खाने के दौरान कई खाद्य सामग्री का सेवन करने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।
मृतक अंकित की नानी यशोदा देवी की दीमगी हालत ठीक नहीं रहती। उन्हें संभालने के लिए बेटी आशा उनके पास ही रहती थी। वह अपनों के शवों को बेबस निगाहों से देखती रहीं। किसी के सवालों का जवाब नहीं दे सकीं। मासूम कार्तिक के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रिश्तेदारों के साथ पुलिस लालगंज सीएचसी पहुंची। जहां चिकित्सक ओबैद अंसारी ने बच्चे के स्वास्थ्य का परीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ स्थित सगरासुंदरपुर में महिला और उसके बेटे-बहू गुरुवार की सुबह घर की पहली मंजिल के कमरे में मृत पाए गए। दंपती का छह माह का बेटा मां के शव से लिपटकर रोता मिला। आशंका जताई जा रही है कि जहरीला पदार्थ खाने से जान गई है। विसरा सुरक्षित किया गया है। मामले में पड़ोसी समेत चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। वाराणसी-लखनऊ हाईवे के किनारे लीलापुर थाना क्षेत्र के सगरासुंदरपुर बाजार निवासी यशोदा देवी (70) ने बेटी आशा देवी (48) की शादी रायबरेली कैपरगंज निवासी रमेश कुमार पटवा के साथ की थी। पति से अलगाव के बाद आशा अपनी मां के घर पर ही रहती थीं। साथ में बेटा अंकित पटवा (26), उसकी पत्नी रिया (22) भी रहते थे, जिनका छह माह का एक पुत्र है। अंकित घर के बाहरी कमरे में जनरल स्टोर चलाता था।
चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शवों का पोस्टमार्टम किया। जहरीला पदार्थ निगलने से मौत की आशंका जाहिर करते हुए विसरा सुरक्षित कर लैब भेजा। शाम को तीनों शव घर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शवों को दूसरे वाहन से अंतिम संस्कार के लिए ऋंग्वेरपुर ले जाया गया।
यह बोले जिम्मेदार
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के मामले में गहनता से छानबीन करते हुए साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। परिवार व आसपास के लोगों के बयान व पीएम रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


